‘ज्ञानोबा-तुकाराम’ की गूंज: चातुर्मास और वारी का अद्भुत संगम

‘ज्ञानोबा-तुकाराम’ की गूंज: चातुर्मास और वारी का अद्भुत संगम।आषाढ़ शुक्ल एकादशी, अर्थात देवशयनी एकादशी, सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी दिन से चातुर्मास का शुभारंभ होता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी) पर जागृत होते हैं। यह … Continue reading ‘ज्ञानोबा-तुकाराम’ की गूंज: चातुर्मास और वारी का अद्भुत संगम