हेयर ट्रांसप्लांट के संबंध में वो सब कुछ, जो आपने जानना आवश्यक है। क्या हेयर ट्रांसप्लांट का बुरा असर आँखों की दृष्टि, किडनी और दिल की कार्यक्षमता पर पड़ता है? हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़ी कई बातें सुनने मिलती हैं। इनमें कौन सी अफ़वाह है और कौन सी बात सच? पढ़िए।
इंडिया इनपुट टीम
कई लोगोंके लिए हेयर ट्रांसप्लांट एक करिश्मा से कम नहीं! कोरोना महामारी के बाद कई लोगों में बाल तेजीसे झड़ने की समस्या दिखाई दी है। लोग इस समस्या से निजात पाने के लिए हेयर ट्रांसप्लांटकी ओर रुख कर भी रहे हैं। किन्तु, गलत धारणाएँ, गलत बयानबाजी, अफवाहें, सुनी सुनाई बातोंके चलते इनमें कई लोग उचित निर्णय लेने में संकोच करते हैं। इसी मुद्दे के बारे में परिपक्क्व जानकारी और सही दिशा के लिए टीम इंडिया इनपुट डेस्क ने हेयर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. सुरेश चवरेसे बात की। डॉक्टर साहब एक प्लास्टिक सर्जन हैं और पिछले सोलह सालों में अभी तक उन्होंने देश और विदेश के तक़रीबन दो हज़ार से अधिक परेशान मरीज़ों को गंजेपनकी समस्यासे निजात दिलाया है।
डॉ. सुरेश चवरे, हेयर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ प्लास्टिक सर्जन।
डॉक्टर चवरेके अनुसार किसी भी विज्ञापन के चंगुल में नहीं फसना चाहिए। दावे और दिखावेबाजी से भ्रमित नहीं होना चाहिए। कुछ अहम् सवालोंपर उन्होंने क्या कहा, पढ़िए:
क्या हेयर ट्रांसप्लांट का बुरा असर आँखों की दृष्टि, किडनी और दिल की कार्यक्षमता पर पड़ता है?
नहीं। यह एक अफवाह है, और कुछ नहीं। सच्चाई सिर्फ यही है, कि हेयर ट्रांसप्लांट एक वास्तविक, तथा साबित हो चुकी वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसपर काफी रिसर्च और साइंटिफिक स्टडीज हो चुकी हैं।
हेयर ट्रांसप्लांट किससे करवाएं?
यदि आप प्रशिक्षित, अनुभवी, प्रोफेशनल शल्यचिकित्सक अर्थात सर्जन से हेयर ट्रांसप्लांट करवाते हैं तो जाहिर है, आपकी सर्जरी वैज्ञानिक पद्धति से पूरी सावधानी बरतते हुए की जायेगी। ऐसे में योग्य स्वच्छता का ध्यान रखा जाएगा। संसर्ग (इन्फेक्शन) का खतरा नहीं के बराबर होगा।
प्रशिक्षित, अनुभवी, सर्जन ही क्यों?
यदि आप किसी विज्ञापन या किसी ऑफर के चलते गलत, अयोग्य व्यक्ति से सर्जरी करवाएंगे तो होनेवाले इन्फेक्शन और बुरे नतीजोंका जिम्मा भी आपको ही भुगतना होगा।
आप ने किसी अच्छे प्लास्टिक सर्जन या फिर किसी चर्म विशेषज्ञ (Dermatologist) सर्जन जिनके पास न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव हो, उनके पास ही जाना चाहिए। किसी भी सर्जन के पास इलाज के लिए जाने से पहले उसकी शैक्षिक गुणवत्ता के बारे में जानकारी लेना हमारा मौलिक अधिकार है। और तभी सर्जरी सही तरीकेसे कराई जा सकती है। किसी भी मरीज़ की पूरी जांच करने के बाद ही उसकी शारीरिक क्षमता तथा वर्तमान व्याधि, बीमारियोंके अनुसार ही सर्जरी की जाती है। दवा भी सिर्फ तीन से चार दिन की दी जाती है। चूँकि, यह सिर के ऊपर की चर्म याने स्किन की सतह Epidermis पर की जाती है तो इससे से किसी भी तरह का शरीरके भीतरी हिस्से में कोई कष्ट नहीं होता है। सिर्फ शुरू के दस दिन थोड़ी ऐहतियात बरतनी होती है।
ऑपरेशन के तीसरे दिन कुछ (बीस प्रतिशत) मामलोंमें आँखों के ऊपरी पलकों में सूजन आती है। ये दो या तीन दिनोंमें चली जाती है और कोई कम्प्लीकेशन नहीं होता।
हेयर ट्रांसप्लांट क्या है?
यह एक ऐसी वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसमें शरीर के एक हिस्से के बाल निकालकर, उनपर प्रक्रिया करके आवश्यक स्थान पर प्रत्यारोपित किए जाते हैं। लोकल अनेस्थेशिआ का उपयोग होता है।
रोपित बाल दो से छह हफ्तोंमें झड़ जाते हैं लेकिन, यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, अतः इस से घबराना नहीं है। तीन महीनोंमें बालों की उपज होने लगती है और वह भी बिलकुल प्राकृतिक तरीके से।
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