#RSS पथ संचलन : अनुशासन, एकता और लक्ष्य हेतु प्रतिबध्दता !
पारंपरिक पथ संचलन का विवरण और दिशा-निर्देश, जो संगठनात्मक एकता और सार्वजनिक जुड़ाव का प्रतीक है

#RSS पथ संचलन : पथ संचलन क्या है? पथ संचलन, जिसका शाब्दिक अर्थ “मार्ग पर चलना” है, एक अत्यंत अनुशासित सार्वजनिक परेड या जुलूस होता है, जिसे मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके सहयोगी संगठन पूरे भारत में आयोजित करते हैं। यह एक बड़ा आयोजन होता है, जिसे अक्सर विजयादशमी जैसे त्योहारों या संगठन के लिए अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तिथियों पर प्रति वर्ष आयोजित किया जाता है। अनुशासन, एकता और मार्ग कदमताल या रुट मार्च के नागरिक नियम तथा उनकी समझ रखते हुए, पथ संचलन साकार होता है।
पथ संचलन का प्राथमिक उद्देश्य संगठन की सामूहिक शक्ति, अनुशासन और एकता को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना है, साथ ही इसके स्वयंसेवकों और आम जनता के बीच देशभक्ति और राष्ट्रीय चरित्र की भावना को बढ़ावा देना है, भावनिक बंधन को घनिष्ट करना है।
द्वारा- डॉ.नम्रता मिश्रा तिवारी, संपादक, इंडिया इनपुट
ट्वीट्स— Baat Bharat Ki (@eBBKLive) October 23, 2023
“छोटे-छोटे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी..”
: शिमला के पथ संचलन में बाल स्वयंसेवक #RSS | #PathSanchalan | @vskhimachal pic.twitter.com/jYCK0Ohz7k
— Baat Bharat Ki (@eBBKLive) October 23, 2023
गणवेश और अनुशासन:
यह रुट मार्च स्वयंसेवकों द्वारा किया जाता है, जो संगठन का पूरा गणवेश (वर्दी) पहनते हैं। इसमें आमतौर पर सफेद शर्ट, भूरे रंग की पतलून, काली टोपी, काले जूते, मोजे और चमड़े की बेल्ट शामिल होती है, और अक्सर शारीरिक अनुशासन के प्रतीक के रूप में दंड (बांस की छड़ी) भी साथ रखी जाती है।
स्वयंसेवक सैन्य जैसी सटीकता और कठोर प्रशिक्षण का प्रदर्शन करते हुए सिंक्रनाइज़्ड अर्थात, सुसंगत, नियोजित पद्धति से कदमों में मार्च करते हैं। उनका संपूर्ण आचरण अत्यंत व्यवस्थित और अनुशासित होता है।
ट्वीट्स — Madhuri Misal (@madhurimisal) September 28, 2025
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे 🚩
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संगीत और संदेश:
जुलूस के साथ आमतौर पर घोष नामक एक संगीत बैंड होता है, जो देशभक्ति की धुनें बजाता है। मार्च करने वाले विशिष्ट नारे लगा सकते हैं या राष्ट्रवादी गीत गा सकते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए, कि पूरा आयोजन देखने वालों तक राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और नागरिक कर्तव्य का स्पष्ट संदेश पहुंचाए।
ट्वीट्स— सुनील कुमार रुद्र (@SKRudra008) June 14, 2025
संघ शिक्षा वर्ग 2025 उत्तर बिहार#पथसंचलन #RSSRouteMarch #Pathsanchalan #राष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघ pic.twitter.com/OR5C5wLHf1
— सुनील कुमार रुद्र (@SKRudra008) June 14, 2025
मार्ग और अनुमति:
आयोजक सार्वजनिक दृश्यता और जुड़ाव को अधिकतम करने के लिए इलाके के माध्यम से मार्ग (पथ) की सावधानीपूर्वक योजना बनाते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर पथ संचलन आयोजित करने से पहले, आयोजकों को कानून द्वारा स्थानीय कानून प्रवर्तन और नागरिक अधिकारियों से औपचारिक अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
इसमें, अक्सर एक विस्तृत मार्ग मानचित्र, प्रतिभागियों की संख्या और मार्च की अवधि प्रस्तुत करना शामिल होता है। अधिकारी इन आवेदनों की समीक्षा करते हैं, खासकर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में, और कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशिष्ट शर्तें लगा सकते हैं या मार्ग को बदल सकते हैं। अनुमति में देरी होने, या मना किए जाने पर, कई बार कानूनी लड़ाई भी हो चुकी है।
ट्वीट्स— Sheetal Chopra 🇮🇳 (@SheetalPronamo) September 28, 2025
Strength of RSS in TAMILNADU 🔥
There are more than 2200 Shakhas in TN & they are increasing by the day
Dedication and commitment of Swayamsevaks during Pathsanchalan in VELLORE , TAMILNADU pic.twitter.com/eTelegKMZW
— Sheetal Chopra 🇮🇳 (@SheetalPronamo) September 28, 2025
सार्वजनिक जुड़ाव और उद्देश्य:
वरिष्ठ अधिकारी तथा विशिष्ट मान्यवर मार्ग के किसी स्थान पर एक स्थायी अथवा अस्थायी मंच से पथ संचलन का अवलोकन करते हैं।मार्ग मार्च सार्वजनिक संपर्क का एक महत्वपूर्ण अभ्यास है। यह अक्सर एक सार्वजनिक सभा में समाप्त होता है जहाँ वरिष्ठ पदाधिकारी राष्ट्रीय चरित्र, सामाजिक सद्भाव और समाज सेवा से संबंधित विषयों पर मुख्य सम्बोधन देते हैं।
मार्ग के किनारे, नागरिक और सामुदायिक समूह अक्सर फूल बरसाकर मार्च करने वालों का स्वागत करते हैं, जिससे यह आयोजन एक सामुदायिक महत्वपूर्ण प्रस्तुति अथवा इवेंट बन जाता है। प्रदर्शित अनुशासन और समर्पण राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को प्रेरित करने के लिए संगठन के लोकाचार के केंद्र में हैं।
Source : https://www.rss.org.in
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