मैथिलीशरण गुप्त : खड़ी बोली हिंदी के प्रथम राष्ट्रकवि।

मैथिलीशरण गुप्त : खड़ी बोली हिंदी के प्रथम राष्ट्रकवि। हिन्दी काव्यधारा के इतिहास में बीसवीं शताब्दी का प्रारंभिक चरण एक ऐसे युग का साक्षी रहा, जिसने परम्परागत ब्रजभाषा की मोह-माया को त्याग कर खड़ी बोली को साहित्य के शिखर पर स्थापित किया। इस महत्वपूर्ण बदलाव के सूत्रधार थे राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त। उनकी लेखनी ने सिर्फ़ … Continue reading मैथिलीशरण गुप्त : खड़ी बोली हिंदी के प्रथम राष्ट्रकवि।