आस्था के प्रहरी या विश्वास के गुनहगार? भारत में मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थल नहीं हैं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, संस्कृति और विश्वास के जीवंत प्रतीक हैं। अयोध्या का श्रीराम मंदिर तो उन करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का केंद्र है जिन्होंने वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद इस दिव्य धाम को साकार होते देखा। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक के रूप में मंदिर में दान अर्पित करते हैं। उनका विश्वास होता है कि उनकी अर्पित राशि धर्म, सेवा और जनकल्याण के कार्यों में उपयोग होगी। ऐसे में यदि मंदिर के दान से जुड़े कथित गबन, चोरी और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आते हैं, तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था पर गहरी चोट है।

By_ डॉ. सीमा सिंह http://indiainput.com Desk



