FoodsLife StyleSpecialsहिन्दी

हमारी थाली: शुद्धता का गहराता संकट

खाद्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल: सख्त नियमों की दरकार

हमारी थाली: शुद्धता का गहराता संकट। हर साल 1 जून को पूरी दुनिया विश्व दुग्ध दिवस मनाती है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को दूध के पोषण, इसके महत्व और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डेयरी उद्योग के योगदान के प्रति जागरूक करना है। दूध को बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए अत्यधिक लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है।

हमारी थाली

डॉ. सीमासिंह द्वारा लिखित  http://indiainput.com के लिए

मुनाफे की अंधी दौड़ और मिलावट

आज के दौर में बढ़ती मांग और मुनाफे की अंधी दौड़ ने दूध की शुद्धता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। आज सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं है कि कौन क्या खा रहा है, बल्कि यह है कि क्या हम सच में शुद्ध भोजन कर रहे हैं? जब बाजार में मांग अधिक और आपूर्ति कम होती है, तो सबसे पहले ईमानदारी का ह्रास होता है। खाद्य विभाग की छापेमारी में अक्सर सिंथेटिक मावा, यूरिया मिला दूध, डिटर्जेंट से बना खोया और वनस्पति से तैयार नकली मिठाइयां पकड़ी जाती हैं। यह स्थिति उस उत्पाद के लिए और भी भयावह है जिसे हम पारंपरिक और शुद्ध मानते हैं।

भोजन में रसायनों का प्रवेश

समस्या केवल दूध तक ही सीमित नहीं है। खेतों को धीरे-धीरे रसायनों के हवाले कर दिया गया है। फलों को जल्दी बड़ा दिखाने के लिए इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं, आमों को कृत्रिम रूप से कार्बाइड से पकाया जा रहा है, मसालों में हानिकारक रंगों का प्रयोग हो रहा है, और बाजार में उपलब्ध शहद तक नकली निकल रहा है। आज स्थिति यह है कि बाजार में बिकने वाली लगभग हर खाने की चीज संदेह के दायरे में है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव और भविष्य की चुनौती

विडंबना यह है कि आज की पीढ़ी फिटनेस और स्वास्थ्य पर भारी धन खर्च कर रही है, लेकिन जिस मूल भोजन पर हमारा शरीर टिका है, वही शुद्ध नहीं है। यही कारण है कि कम उम्र में हार्मोनल असंतुलन, पेट की गंभीर बीमारियां, फैटी लिवर, किडनी की समस्याएं और कैंसर जैसी जटिल बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

भारत जैसे कृषि प्रधान देश में भोजन सबसे बड़ा व्यापारिक धोखा बनता जा रहा है। अब चिंता केवल भोजन मिलने की नहीं, बल्कि भोजन के सुरक्षित होने की है। आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ बनाने के लिए सरकार को खाद्य सुरक्षा मानकों में तत्काल सुधार करना चाहिए और इन नियमों को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू करना अनिवार्य है।

स्रोत :

https://fda.maharashtra.gov.in 

https://foscos.fssai.gov.in

http://instagram.com

FEEDBACK : contact@indiainput.com

अधिक लेखों के लिए आगे पढ़ें: http://indiainput.com

Not For Sale: Albanians Fight to Protect Vital Ecosystems

The Kashmiri Speedster:11-Year-Old Atiqa Mir Conquers Greece

Virat Kohli: The King Who Redefined Indian Cricket 🏏👑

IMAX Is Back, Hyderabad—and Varanasi Is Coming

THE STAGE IS SET. THE STORY UNFOLDS TONIGHT.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

twelve + 19 =

Back to top button