CBSE रीवैल्यूएशन फीस घटकर ₹100: छात्रों की बड़ी जीत। छात्र समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक जीत में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने परीक्षा के बाद पुनर्मूल्यांकन (रीवैल्यूएशन) और सत्यापन (वेरिफिकेशन) शुल्क में भारी कटौती की घोषणा की है। इस साल लागू की गई नई डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर बढ़ते गुस्से, छात्रों के विरोध और माता-पिता की चिंताओं के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दखल देते हुए सभी शुल्कों को घटाकर केवल 100 रुपये कर दिया है।

By_ http://indiainput.com Desk
शोषणकारी प्रक्रिया
इससे पहले यह पूरी प्रक्रिया मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक महंगा दुःस्वप्न बन चुकी थी। हर विषय के लिए अलग-अलग शुल्क होने के कारण कई विषयों की रीचेकिंग कराने में परिवारों को 5,000 से लेकर 9,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे।
पुरानी व्यवस्था के तहत उत्तर पुस्तिका की स्कैन की गई कॉपी प्राप्त करने के लिए प्रति विषय 700 रुपये देने होते थे, जबकि अंकों के सत्यापन के लिए प्रति विषय 500 रुपये अलग से वसूले जाते थे। कॉलेज दाखिले की दौड़ में शामिल परेशान छात्रों के लिए यह फीस बेहद शोषणकारी थी।
Student welfare, transparency and fairness remain at the core of every evaluation reform.
Today, Shri Sanjay Kumar, Secretary, Department of School Education & Literacy, Ministry of Education, briefed the media on CBSE’s On-Screen Marking (OSM) process and the student support… pic.twitter.com/bWqTnC7xmR
— CBSE HQ (@cbseindia29) May 17, 2026
ऑन-स्क्रीन मार्किंग-स्कैन
कक्षा 12 के परिणाम घोषित होने के बाद यह संकट और गहरा गया, क्योंकि इस साल अंकों में अप्रत्याशित गिरावट देखी गई। नाराज छात्रों ने इसके लिए सीधे तौर पर नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को जिम्मेदार ठहराया।
इस साल कुल 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया गया था। सरकार ने खुद माना कि हल्की स्याही और खराब हैंडराइटिंग के कारण कम से कम 13,000 कॉपियों को डिजिटल रूप से जांचने में समस्या आई, जिन्हें बाद में मैन्युअल रूप से जांचना पड़ा।
छात्रों की बड़ी जीत!
छात्रों के बढ़ते मानसिक तनाव और आर्थिक संकट को देखते हुए स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने नए नियमों की घोषणा की। अब छात्र केवल 100 रुपये देकर अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी देख सकते हैं।
अंकों के वेरिफिकेशन की फीस भी घटाकर 100 रुपये कर दी गई है और किसी विशेष प्रश्न को दोबारा जांचने के लिए केवल 25 रुपये देने होंगे। इसके अलावा बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि यदि रीचेकिंग में किसी छात्र के नंबर बढ़ते हैं, तो उसकी पूरी फीस वापस (रिफंड) कर दी जाएगी।
यह ऐतिहासिक फैसला पीड़ित छात्रों की एकजुटता की एक बड़ी जीत है, जिसने यह साबित कर दिया कि शिक्षा प्रणाली में न्याय पर सबका समान अधिकार है।
आधिकारिक हेल्पलाइन और संपर्क (Helpline Contacts)
यदि छात्र सीधे बोर्ड से संपर्क करना चाहते हैं, तो CBSE द्वारा जारी आधिकारिक संपर्क माध्यम:
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टोल-फ्री टेली-काउंसलिंग नंबर:
1800-11-8004(तनाव कम करने और मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी के लिए) -
आधिकारिक ईमेल सपोर्ट:
resultcbse2026@cbseshiksha.in(बोर्ड ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि छात्र किसी भी बाहरी या अनधिकृत जीमेल आईडी पर मेल न भेजें) (नोट: रीवैल्यूएशन और डिजिटल कॉपी के लिए आवेदन करने की विंडो 19 मई से 22 मई तक लाइव रहेगी, जिसका डायरेक्ट लिंक cbse.gov.in के मुख्य पेज पर एक्टिव किया जा रहा है।)
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